Saturday, 15 December 2007

पहली यात्रा

ब्लॉगों की दुनिया में मेरा ये प्रयास उन लोगों के लिए है, जो ज़माने से कदमताल करने में पिछड़ गए हैं। ब्लॉग की दुनिया में नया हूं, लेकिन सिर्फ लिखने में , कई महीनों से चुपचाप पढ़ रहा था। लिखने का लालच मन में दबाए रखा था... अब वह लालच बांध तोड़ कर उमड़ पड़ा है। उम्मीद है, सही गलत जो भी लिखूंगा, पढ़ा जाएगा। तो आपसबों से कदमताल की कोशिश में एक और बटोही आ गया है।

3 comments:

Manjit Thakur said...

चिट्ठाकारों की दुनिया में स्वागत है..........

अनूप शुक्ल said...

बधाई। स्वागत!

अजय रोहिला said...

इरशाद किजिए हम तैयार बैठे है....